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भोपाल में भाजपा विधायक के घर चोरी: पानी की टोटियां भी ले गए चोर; सामने ही है स्पेशल डीजी का निवास

भोपाल। भाजपा विधायक अजय विश्नोई के सरकारी आवास में चोरी हुई। विधायक का बंगला स्पेशल डीजी के सरकारी आवास के ठीक सामने है। चार इमली इलाका भोपाल का वीवीआईपी और हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है।

दोपहर में की चोरी 
विधायक अजय विश्नोई को चार इमली में डी-11/03 सरकारी आवास आवंटित है। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने सूने बंगले को निशाना बनाया। चोरों ने मकान के दरवाजों के ताले तोड़े और जिन दरवाजों के ताले नहीं खुल सके, उनके कुंडे तक उखाड़ दिए। इसके बाद बदमाश घर के अंदर से पानी की टोटियां और अन्य सामान चोरी कर फरार हो गए।

भोपाल पहुंचने पर मिली चोरी की जानकारी
विधायक अजय विश्नोई महीने में सिर्फ तीन-चार दिन ही भोपाल में रहते हैं। बाकी समय सरकारी आवास खाली रहता है। रविवार को जब वे अपने आवास पर पहुंचे, तो उन्हें दरवाजों के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखने पर चोरी की वारदात का पता चला।

हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज 
विधायक ने तत्काल घटना की सूचना विधानसभा को दी। मामले में भोपाल के हबीबगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

स्पेशल डीजी के घर के सामने से चोरी
इस घटना ने चार इमली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस सरकारी बंगले में चोरी हुई, उसके ठीक सामने स्पेशल डीजी अजय शर्मा का आवास है। इसके बावजूद दोपहर के समय बदमाशों का बंगले में घुसना और ताले-कुंडे तोड़कर सामान चोरी कर ले जाना सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। चार इमली में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। इसके बावजूद इलाके में लगातार चोरी और आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं।

पहले भी हो चुकी है चोरी
विधायक के बंगले में चोरी से महज तीन-चार दिन पहले चार इमली इलाके में ही एक अन्य अधिकारी के खाली मकान को भी बदमाशों ने निशाना बनाया था। लगातार हो रही घटनाओं से हाई-सिक्योरिटी जोन की पुलिसिंग और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
सितंबर में आईजी से मोबाइल लूट की घटना
23 सितंबर की रात आईजी (इंटेलिजेंस) डॉ. आशीष अपनी पत्नी के साथ टहलने निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके दो मोबाइल फोन लूट लिए थे। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन इसके बाद भी चार इमली जैसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में लगातार हो रही वारदातें सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
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