सावन का दूसरा सोमवार आज: जानिए शिवलिंग के अभिषेक का महत्व; इस मंत्र का करें जाप

शिवजी के प्रिय श्रावण मास का आज दूसरा सोमवार हैं। श्रावण में शिव पूजा का बहुत ज्यादा महत्व होता है। इस मास में शिव कथा, व्रत, पूजन, अभिषेक करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते है सावन में शिव आराधना से जुड़ी विशेष बातें।
सावन महीने में विशेष है शिवजी का अभिषेक
सावन मास में शिवजी का अभिषेक करना सबसे जरूरी होता है । मान्यता है कि इसी महीने में शिवजी ने अमृत मंथन से निकले हलाहल विष को पिया था। इससे उनके शरीर का तापमान बढ़ गया। तब सभी देवताओं ने उन्हें शीतलता पहुंचाने के लिए उनका दूध और जल से अभिषेक किया था। इस वजह से सभी शिव भक्त सावन महीने में जल और दूध से भगवान का अभिषेक करते है।
पूजा की विधि
सावन के दूसरे सोमवार में शिवजी की आराधना के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। फिर स्वच्छ आसान पर बैठकर दूध और जल से भोलेनाथ का अभिषेक करें। इसके बाद सफेद चंदन से उनका शृंगार करें। पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलते हुए बेलपत्र अर्पित करें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र और शिवाअष्टक का पाठ भी जरूर करें।