रीवा में बीमार बच्चे को कपड़े की पालकी में ले गए ग्रामीण: बारिश में सड़क बनी दलदल; वर्षों से पक्की सड़क नहीं बन पाई

रीवा। सोहावल खुर्द के आदिवासी बहुल गढ़ुआई टोला में सड़क की बदहाल स्थिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण करीब 12 साल के बीमार बच्चे को कपड़े की पालकी बनाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बच्चे को इलाज के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचाना था।
बारिश के दिनों में गढ़ुआई टोला की कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है। हालत यह है कि सामान्य दिनों में भी आवागमन मुश्किल रहता है और बारिश के दौरान पैदल चलना तक चुनौती बन जाता है। ऐसे में किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर उसे खाट या कपड़े की पालकी के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।

ग्रामीण बोले- वर्षों से कर रहे सड़क की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि गढ़ुआई टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि पंचायत और प्रशासन की ओर से विकास कार्यों के दावे किए जाते हैं, लेकिन बस्ती में सड़क की स्थिति उन दावों से अलग तस्वीर दिखाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी बीमार बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होती है। बारिश के मौसम में उन्हें समय पर अस्पताल या मुख्य सड़क तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन से गुहार
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से गढ़ुआई टोला की सड़क का जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से बस्ती के लोगों को बारिश के दिनों में होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है।