अरविंदो के चेयरमैन फिर जांच के घेरे में: बेनामी तरीके से खरीदी 100 करोड़ की जमीन; सीट बेचकर की अवैध कमाई
इंदौर। अरविंदो इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी की फिर जांच शुरु हुई है। डॉ. विनोद के खिलाफ बेनामी तरीके से जमीन खरीदने का आरोप हैं। जांच एजेंसियों के पास शिकायत दर्ज की गई है। जमीन भंवरसला तहसील मल्हारगंज की है।
50 सर्वे नंबर शामिल हैं जिसमें लंबी-चौड़ी जमीन है। इसकी कीमत आज 100 करोड़ से ज्यादा है। शिकायत में इन सभी 50 सर्वे नंबरों की जानकारी दी गई है। आरोप है कि विनोद भंडारी ने पद का दुरुपयोग किया है। अपनी आय से अधिक संपत्ति खरीदी है।
18 और लोग शामिल
उनके साथ ही 18 व्यक्ति भी शामिल हैं। इसमें कई बेनामी नाम हैं, जिन्होंने जमीन खरीदी है। यह जमीन मुख्य तौर पर सर्वे नंबर 14/1/1, 14/2, 15/2, 15/1/3, 159/1/2/1, 158/2 व 3 व 4, 146/1/3, 36/2, 23/2 सहित अन्य हैं।

कुछ जमीन श्री अरविंदो इंस्टीट्यूट के नाम पर
इसमें कुछ जमीन श्री अरविंदो इंस्टीट्यूट के नाम पर है। कहीं पर महक भंडारी, मंजू पति विनोद भंडारी, अभय कुमार, चंद्रकला पोखरना, ममता पोखरना और कई नाम हैं। पीएमटी घोटाले में डॉ. विनोद भंडारी पर आरोप लगे कि उन्होंने सीट बेचकर करोड़ों की अवैध कमाई की। इससे उन्होंने अपने व परिजन, करीबियों के नाम पर अचल संपत्ति ली।
साल 2011 में भी लगा था आरोप
साल 2011 में आयकर सर्वे हुआ था। तब उन्होंने सात करोड़ की राशि सरेंडर की थी। ईडी ने भी मामला जांच में लिया था। इसमें उनकी करीब 15 एकड़ जमीन अटैच की थी। जांच के दौरान सामने आया था कि अप्रैल से सितंबर 2011 के दौरान उनकी आय करीब 1.58 करोड़ होनी चाहिए थी। इस दौरान खाते में 7 करोड़ आए।
यह लोन का पैसा
वहीं डॉ. भंडारी ने अपनी सफाई दी है । उनका कहना है कि यह आय उनके हुंडी, लोन से हुई है। इसे वह सर्वे में सरेंडर कर टैक्स दे चुके हैं।