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MP हाईकोर्ट से छात्र संघ चुनाव को मंजूरी: 9 साल बाद सितंबर में होंगे चुनाव; पूर्व प्रांत मंत्री बोले- युवाओं को मिलेगा नेतृत्व

रीवा।  मध्यप्रदेश की यूनिवर्सिटी में 9 साल बाद फिर चुनाव होंगे। इसके लिए हाईकोर्ट ने निर्देश जारी कर दिए हैं। यह चुनाव सभी सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सितंबर 2026 से कराए जाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री और ABVP के पूर्व प्रांत मंत्री (महाकौशल) बिजेन्द्र गौतम ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा- युवाओं को नेतृत्व विकसित करने का अवसर मिलेगा। नए स्टूडेंट के राजनीति में आने से देश की दिशा बदलेगी। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी।

2017 के बाद से नहीं हुए चुनाव
बिजेन्द्र गौतम ने कहा- 2017 से प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीं हुए। फिर से चुनाव होने से छात्रों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। छात्र हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करने का अवसर मिलेगा।

चुनाव में सक्रिय भागीदारी जरूरी
प्रदेश के छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा- अनुशासन, ईमानदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए चुनाव में सक्रिय भागीदारी करें। अपने शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक और शैक्षणिक वातावरण बनाने में योगदान दें।

छात्र राजनीति से हुई सार्वजनिक जीवन की शुरुआत
बिजेन्द्र गौतम ने बताया कि उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत कक्षा 10वीं में छात्र संघ चुनाव से हुई थी। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और छात्र नेता के रूप में छात्र हितों से जुड़े कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग भी लंबे समय से की जा रही थी, इसलिए इस निर्णय से उन्हें विशेष खुशी है।

विद्यार्थियों की समस्याओं का होगा समाधान
उन्होंने विश्वास जताया कि छात्र संघ चुनाव नई पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक सोच को मजबूत करेंगे। साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम भी बनेंगे।

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