CRPF से रिटायर हुए रीवा के जवान राजबहोर द्विवेदी: अभियान के लिए कई दिन रहे भूखे-प्यासे; युवाओं को सेना में आने के लिए करेंगे प्रोत्साहित

रीवा। सेवानिवृत्त होकर रीवा लौटे जवान राजबहोर द्विवेदी का सम्मान किया गया। उन्होंने 41 वर्षों तक CRPF में देश की सेवा की है। मध्य प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शॉल और श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को गौरवपूर्ण बताया।
राजबहोर द्विवेदी ने अपने सेवा काल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया 90 के दशक में पंजाब में आतंकवाद के दौर में उन्होंने आतंकियों के खिलाफ कई अभियानों में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में भी लंबे समय तक सेवा देते हुए अनेक बड़े ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जंगलों मे कई दिन रहे भूखे-प्यासे
कई बार उनकी टीम को घने जंगलों में कई दिनों तक बिना भोजन और पानी के रहना पड़ा । साथ ही नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाना पड़ा। लगातार दबाव और घेराबंदी के कारण कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया।
सेना राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च माध्यम
सेवानिवृत्ति के बाद राजबहोर द्विवेदी ने युवाओं को सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि सेना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च माध्यम है। अब वे रीवा और विंध्य क्षेत्र के युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और देशभक्ति की भावना विकसित करने का कार्य करेंगे।

ऐसे वीर जवान समाज के लिए प्रेरणा
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि ऐसे वीर जवान समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनका सम्मान नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगा।