| | |

नर्मदा घाटी के प्रभावितों की सुनवाई के बाद रिपोर्ट जारी: सरदार सरोवर परियोजना की फिर से समीक्षा की मांग; जन आयोग खर्च पर उठाए सवाल

इंदौर। सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना को लेकर बने जन आयोग ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। आयोग का कहना है कि परियोजना से लोगों को मिलने वाले कई फायदे अभी तक पूरी तरह नहीं मिले हैं। वहीं, जिन लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े, उनके बसने, पर्यावरण और दूसरे कई मुद्दे अब भी बाकी हैं। इसलिए परियोजना की दोबारा जांच होनी चाहिए।

तीन दिन तक गांवों में लोगों से की बात
जन आयोग के सदस्य 22 से 24 अगस्त 2025 तक बड़वानी और धार जिले के नर्मदा घाटी के प्रभावित गांवों में गए। वहां उन्होंने आदिवासी, किसान, मजदूर, मछुआरे, नाव चलाने वाले, कुम्हार, व्यापारी और दूसरे लोगों से बात की और उनकी परेशानियां सुनीं।

लोगों के बसने और सुविधाओं की कमी पर चिंता
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई परिवारों को अब तक सही तरीके से नहीं बसाया गया है। जिन जगहों पर लोगों को बसाया गया है, वहां पीने का पानी, सड़क, इलाज, स्कूल, चरने की जमीन और श्मशान जैसी जरूरी सुविधाएं भी पूरी नहीं हैं। आयोग ने पर्यावरण को नुकसान और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं होने पर भी चिंता जताई है।

खर्च की दोबारा जांच की मांग
आयोग का कहना है कि परियोजना पर हुए खर्च का सही हिसाब नहीं लगाया गया। इसमें लोगों को बसाने, पर्यावरण को हुए नुकसान और दूसरे सामाजिक असर को पूरी तरह नहीं जोड़ा गया। इसलिए परियोजना के खर्च और फायदे की दोबारा जांच कराई जानी चाहिए।

आयोग की प्रमुख मांगें

  • सरदार सरोवर परियोजना की दोबारा जांच हो।
  • परियोजना के खर्च और फायदे का सही हिसाब लगाया जाए।
  • सभी प्रभावित परिवारों को पूरी तरह और सही तरीके से बसाया जाए।
  • जहां लोगों को बसाया गया है, वहां पानी, सड़क, इलाज, स्कूल जैसी सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएं।
  • आदिवासियों और स्थानीय लोगों के अधिकार सुरक्षित रखे जाएं।
  • नर्मदा नदी और घाटी को गंदगी और अवैध निर्माण से बचाया जाए।
  • विकास की योजनाओं में पर्यावरण और लोगों पर पड़ने वाले असर का भी ध्यान रखा जाए।
  • आगे बनने वाली बड़ी परियोजनाओं में लोगों की राय ली जाए और काम पूरी पारदर्शिता से किया जाए।

सरकार से कार्रवाई की उम्मीद
आयोग ने कहा कि उसकी रिपोर्ट सरकार के लिए कोई आदेश नहीं है। लेकिन उम्मीद है कि सरकार और संबंधित विभाग इसमें उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देंगे। आयोग का कहना है कि रिपोर्ट का मकसद नर्मदा घाटी के प्रभावित लोगों की समस्याओं को सामने लाना और उनका समाधान कराने की कोशिश करना है।

Share