सुमित्रा महाजन बोली-इंदौर को कोई उपेक्षित नहीं कर सकता; अभ्यास मंडल के जन संवाद में चिंतित इंदौर अपेक्षित इंदौर पर गहन चिंतन

“इंदौर के बिना मध्य प्रदेश जिंदा नहीं रह सकता, कोई भी हमें अपेक्षित नहीं कर सकता, हम अपने दम पर खड़े हुए, हमने राजबाड़ा बचाया, हम नर्मदा लाए”
लोकसभा की पूर्व स्पीकर और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने यह बात कही हैं। उन्होंने कहा है कि इंदौर को कोई उपेक्षित नहीं कर सकता है। यह शहर यहां के नागरिकों के दम पर बना है। नर्मदा का पानी हम लड़ाई लड़ कर लाए हैं। इंदौर में सरकार के द्वारा बड़ी विकास योजनाओं को आकार दिया गया है। यह एक ऐसा शहर है जहां की जनता ही शहर की चिंता करती है। वे आज यहां इंदौर प्रेस क्लब में अभ्यास मंडल के द्वारा आयोजित जन संवाद को संबोधित कर रही थी।
जनसंवाद का विषय चिंतित इंदौर उपेक्षित इंदौर रखा गया था। इस जन संवाद में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ प्रतिनिधियों के द्वारा अपनीबात रखी गई। इस जन संवाद की अध्यक्षता करते हुए सुमित्रा महाजन ने कहा कि यहां पर सभी काम करने वाले लोग बैठे हैं उनके होते हुए इंदौर की अपेक्षा कैसे हो सकती है। यदि इंदौर उपेक्षित होता तो यहां सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होता क्या? एम वाय अस्पताल के लिए सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए के उपकरण दिए जाते हैं क्या? इंदौर का हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय होता क्या? पीथमपुर के उद्योगों के लिए इंदौर में एयर कार्गो की सेवा शुरू होती क्या? इंदौर के लोग नर्मदा पेयजल योजना का पहला चरण अपनी ताकत से लेकर आए हैं। इंदौर की अपेक्षा कोई नहीं कर सकता है अलबत्ता यह सच है कि इंदौर का सुव्यवस्थित विकास नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पिथमपुर में होने वाले विकास का भार इंदौर उठाता है। अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों की समिति बनाई जाना चाहिए। इस समिति के माध्यम से उसे क्षेत्र में किए जाने वाले कामों को लेकर योजना तैयार की जाना चाहिए। भाई ने कहा कि यदि उज्जैन का विकास भी होता है तो उसमें बुराई क्या है? आज इंदौर और महू एक हो गए हैं। इंदौर के रेलवे स्टेशन से दबाव घटाने के लिए हमने ही बहुत सी ट्रेनों का संचालन महु से शुरू करने की पहल की थी। अभ्यास मंडल को चाहिए कि वह नए लोगों को अपने और हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग कमेटी का गठन करें। इस कमेटी के द्वारा हर 3 महीने में अपने कामकाज की समीक्षा की जाए। कार्यक्रम के प्रारंभ में विषय का प्रवर्तन शिवाजी मोहिते ने किया।

अपेक्षित विकास नहीं हो सका
इस बैठक में पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का विकास तो हुआ है लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। आर्किटेक्ट अतुल सेठ ने कहा कि मास्टर प्लान का निर्माण शहर की जनता की सहभागिता से होना चाहिए। अभी तक पुराने मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की स्थिति की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
इंदौर को सर्वश्रेष्ठ बनाने पर ध्यान
पर्यावरणविद डॉ ओ पी जोशी ने कहा कि इंदौर की हवा, पानी और हरियाली की स्थिति खराब है। इंदौर का चयन स्वच्छ वायु वाले शहर के रूप में किया गया था लेकिन यहां की वायु जहरीले बनी हुई है। रेलवे क्षेत्र के विशेषज्ञ नागेश नामजोशी ने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि हम अपेक्षा की स्थिति से बाहर कैसे आएं। शिक्षामित्र डॉ शंकर लाल गर्ग ने कहा कि इंदौर को सर्वश्रेष्ठ बनाने पर ध्यान देना होगा। यहां पर अभी भी पानी भोजन और यातायात की समस्या है। इंदौर में पढ़ने के लिए हर वर्ष 4 से 5 लाख विद्यार्थी आते हैं। इन विद्यार्थियों के आने के कारण अब इंदौर की व्यवस्थाओं पर असर पड़ने लगा है।
इंदौर की पानी और ड्रेनेज की लाइन की समीक्षा किए जाने की जरूरत
मिल मजदूरों के नेता श्याम सुंदर यादव ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के लिए जिस तरह का कानून बनाया गया है उसे ताकत के साथ लागू किया जाना चाहिए। उद्योगपति मनोहर देव ने कहा कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को यदि जवाहर मार्ग पर एलिवेटेड रूप में कर दिया जाए तो वह बहुत जल्दी क्रियान्वित हो जाएगा और खर्चा भी काम आएगा। जल विशेषज्ञ ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि इंदौर की पानी और ड्रेनेज की लाइन की समीक्षा किए जाने की जरूरत है। मनीष भालेराव ने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल और सड़क का गद्दा इंदौर की बहुत बड़ी समस्या है।

यह रहे उपस्थित
इस जन संवाद को मदन राणे, ग्रीष्मा त्रिवेदी, इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी, मुकेश तिवारी, वैशाली खरे, श्याम पांडे, अनिल बोरगांवकर, प्रणिता दीक्षित, रंजन नाईक, सुनील कुमार चौधरी,ब्रजेन्द्र सिंह धाकड़, सौरभ गोसर,मुरली खंडेलवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस जन संवाद के अंत में पूरे संवाद के निष्कर्ष पर अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता ने प्रकाश डाला। अंत में आभार प्रदर्शन माला सिंह ठाकुर ने किया।