| | |

रोहित पंचाल की मौत की जांच पर उठे सवाल, परिजन बोले- 15 दिन बाद भी न्याय नहीं

थांदला। काकनवानी निवासी रोहित पंचाल की मौत के करीब 15 दिन बाद भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिजनों और पंचाल समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परिजन इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह, विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

प्रभारी मंत्री ने एसपी से चर्चा कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। वहीं विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने मामले को सोशल मीडिया पर उठाते हुए फॉरेंसिक और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मामले की लड़ाई सड़क से विधानसभा तक लड़ी जाएगी।

एएसपी प्रतिपाल महोबिया ने परिजनों से मुलाकात कर जांच की जानकारी ली। एसडीओपी राजेश सुलिया ने बताया कि कुछ रिपोर्ट्स आना बाकी हैं। एएसपी ने जांच अधिकारी और महिला थाना प्रभारी नेहा बिरला को रिपोर्ट्स जल्द बुलवाकर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।

परिजनों के अनुसार 24 जून को रोहित घर से बुलेट लेकर निकले थे। जुलवानिया पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के बाद कुछ घंटों बाद उनका शव रंभापुर-मदरानी के बीच पाट नदी पुल के नीचे मिला था। परिजन हत्या की आशंका जताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि घटनास्थल के पास मिले ब्लड और टायर के निशान किसके हैं, बुलेट की चाबी कैसे टेढ़ी हुई और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में देरी क्यों हो रही है। उनका आरोप है कि मेघनगर पुलिस ने शुरुआत में मामले को आत्महत्या मानकर जांच में लापरवाही की, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हुए।

Share