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देवास भाजपा में ‘गद्दारी’ पर विधायक चौधरी की प्रदेशाध्यक्ष को चिट्ठी; युवा मोर्चा अध्यक्ष की घोषणा से पहले बखेड़ा

प्रदेश प्रकाश एक्सक्लूसिव

भोपाल-इंदौर। मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों और फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। देवास जिले की हाटपिपल्या विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मनोज चौधरी ने अपनी ही पार्टी के एक युवा नेता के खिलाफ सीधे प्रदेश नेतृत्व के पास मोर्चा खोल दिया है। इस अंदरूनी खींचतान ने देवास से लेकर भोपाल तक के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।

विधायक मनोज चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल को एक कड़ा और बेहद तीखा शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र में विधायक ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रजत पाल सिंह राजपूत को आगामी नियुक्तियों में देवास जिला अध्यक्ष या संगठन में कोई भी अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी न दी जाए। विधायक का सीधा आरोप है कि रजत पाल सिंह राजपूत ने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जाकर कांग्रेस का काम किया था।

चिट्ठी में अनुशासन का हवाला

विधायक द्वारा प्रदेशाध्यक्ष को लिखे गए इस पत्र में सीधे तौर पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ का जिक्र किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि रजत पाल सिंह राजपूत द्वारा इस समय भाजयुमो में देवास जिला अध्यक्ष पद के लिए लगातार दावेदारी की जा रही है और लॉबिंग की जा रही है। रजत पाल सिंह राजपूत ने विगत हाटपिपल्या विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सिद्धांतों के विरुद्ध जाकर कांग्रेस पार्टी का खुला समर्थन किया था। इनका यह आचरण स्पष्ट रूप से पार्टी विरोधी गतिविधि की श्रेणी में आता है, जिससे चुनाव के दौरान पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसी स्थिति में यदि उन्हें कोई बड़ा पद दिया जाता है, तो विपरीत परिस्थितियों में भी भाजपा का झंडा थामने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरह टूट जाएगा।

विधायक चौधरी बोले “गद्दारी करने वालों को संगठन में जगह नहीं, मैं अपनी बात पर अडिग हूं”

जब इस पूरे विवाद और शिकायती पत्र को लेकर ‘प्रदेश प्रकाश’ ने विधायक मनोज चौधरी से सीधा संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है। इन्होंने और इनके पूरे परिवार ने विधानसभा चुनाव के दौरान हमारे खिलाफ और कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर काम किया था। इनका रवैया ऐसा था जैसे ये खुद चुनाव लड़ रहे हों और इन्होंने हमें हराने का पूरा प्रयास किया था। मैं अपनी बात पर आज भी पूरी तरह कायम हूं। जिन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी की और पीठ में छुरा घोंपा, उन्हें संगठन में बढ़ावा देने से सिर्फ और सिर्फ नुकसान ही होता है। पद, प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी केवल उन्हीं को मिलनी चाहिए जो चौबीसों घंटे पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करते हैं।

रजत पाल सिंह बोलेमुझ पर लगे सारे आरोप झूठे, मैं दूसरी विधानसभा में पार्टी का काम कर रहा था”

विधायक मनोज चौधरी के इस तीखे और सीधे हमले पर जब भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रजत पाल सिंह राजपूत से उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसे किसी भी शिकायती पत्र के लिखे जाने की आधिकारिक जानकारी नहीं है और न ही संगठन की तरफ से मुझसे कुछ कहा गया है। जहां तक चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने या कांग्रेस प्रत्याशी की मदद करने का आरोप है, तो वह पूरी तरह से गलत है। उस समय में सोनकच्छ विधानसभा का प्रभारी था।

देवास युवा मोर्चा अध्यक्ष की रेस दिलचस्प

देवास भाजयुमो जिला अध्यक्ष पद की दौड़ में इस समय कई युवा चेहरे अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दावेदारों की इस लंबी फेहरिस्त में मुख्य रूप से शुभम जाधव, मोहित जाट, अभिषेक गोस्वामी और सुरेंद्र सिंह परिहार सहित कई अन्य स्थानीय नेता मजबूती से रेस में शामिल हैं। अब इस बड़े विवाद के बाद देखना दिलचस्प होगा कि भोपाल में बैठा शीर्ष नेतृत्व विधायक की इस तीखी आपत्ति को कितनी तवज्जो देता है और देवास युवा मोर्चा की कमान किसके हाथ में सौंपता है।

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