इंदौर अभिभाषक संघ चुनाव 2026: एडवोकेट राकेश पाल बने अध्यक्ष, शांतिपूर्ण मतदान के बाद घोषित हुए परिणाम
प्रदेश प्रकाश, इंदौर अभिभाषक संघ के चुनाव गुरुवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। संघ के 5,463 मतदाताओं में से 3,558 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू हुई। अध्यक्ष पद के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में थे।
इंदौर अभिभाषक संघ के चुनाव गुरुवार को संपन्न हुए। अभिभाषक संघ में कुल 5 हजार 463 वोटर थे, जिनमें से 3558 वोटरों ने मतदान किया। 11 पदों के लिए वोटिंग की गई। पांच वोट पदाधिकारियों के लिए, जबकि छह वोट कार्यकारिणी सदस्यों के लिए थे। पदाधिकारी पद के लिए 53 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, जबकि कार्यकारिणी पद के लिए 21 उम्मीदवार मैदानी दौड़ में शामिल थे।
जिला कोर्ट परिसर में अलग-अलग बूथ मतदान के लिए बनाए गए थे और सभी बूथों पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में थे। वरिष्ठ सदस्यों व महिला वोटरों के लिए भी अलग बूथ बनाए गए थे। पहले नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। फिर सुबह 11 बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआत में मतदाताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। दोपहर में मतदाताओं की भीड़ कम हो गई। इस बार मतदान को लेकर वोटरों का उत्साह ज्यादा नजर नहीं आया, क्योंकि साढ़े तीन हजार वोट ही डाले गए। यह वोटिंग शाम पांच बजे तक चली।
इस बार चुनाव में मतदान समाप्त होने के बाद बचे हुए मतपत्रों को नष्ट कर दिया गया, जिससे कोई उन बचे हुए मतपत्रों का गलत इस्तेमाल ना कर लें। इस बार सचिव पद के लिए कड़ा मुकाबला देखा गया। सभी चेहरे इस पद के लिए नए थे।
आठ प्रत्याशियों के बीच हुए चुनाव में एडवोकेट राकेश पाल ने सबसे ज्यादा वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। गुरुवार देर रात तक चली मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए। इस दौरान चुनाव परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा।
इन पदों पर हुई नई नियुक्ति
इंदौर अभिभाषक संघ के चुनाव में जितेंद्र नीम उपाध्यक्ष, धर्मेंद्र गुर्जर सचिव, निमेष सोलंकी सहसचिव और पल्लविका अध्यारु कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। वहीं कार्यकारिणी के छह सदस्यों के लिए आयुष भोरहरी, सुधीर व्यास (हैप्पी), नितिन पाराशर, स्नेहील वर्मा, सुमनलता मुकाती एवं श्यामा वर्मा चुनी गईं।
इस बार उपाध्यक्ष पद के लिए सात प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ, जबकि सचिव पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे। कार्यकारिणी के 21 पदों के लिए भी चुनाव हुए, जिनमें दो पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे।