इंदौर के केयर CHL अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई: लाइसेंस निरस्ती का नोटिस जारी, मरीज भर्ती रखकर कराया जा रहा था निर्माण कार्य
इंदौर के प्रतिष्ठित केयर CHL अस्पताल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मरीजों को भर्ती रखकर अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य कराए जाने और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने अस्पताल को एक माह का नोटिस जारी किया है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर सीएमएचओ कार्यालय की 7 से 8 सदस्यीय टीम ने केयर CHL अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, इंजीनियर और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में भर्ती मरीजों के बीच निर्माण कार्य चलते हुए पाया गया, जिस पर अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
जांच रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। प्रशासन ने बताया कि अस्पताल को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत जवाब और पक्ष से भी प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ, जिसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
क्या बोले कलेक्टर शिवम वर्मा?
मीडिया से चर्चा में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि अस्पताल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। फिलहाल अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड कर एक माह का नोटिस दिया गया है, जिसके बाद आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
CMHO डॉ. माधव हसानी का बयान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि केयर CHL अस्पताल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य नहीं रोका गया, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हो रहा था।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश उपचार्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 के तहत अस्पताल को पंजीयन निरस्ती की विधिवत सूचना जारी कर दी गई है।
एक माह में मरीजों को करना होगा डिस्चार्ज
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल प्रबंधन को एक माह के भीतर भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज करना होगा और प्रशासनिक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। निर्धारित अवधि के बाद अस्पताल में इलाज सेवाएं प्रतिबंधित की जा सकती हैं।
गौरतलब है कि केयर CHL अस्पताल में लंबे समय से विस्तार संबंधी निर्माण कार्य चल रहा था, जिसे लेकर मरीजों और उनके परिजनों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं। अब प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की जवाबदेही पर चर्चा तेज हो गई है।






