राम मंदिर जमीन मामले में संजय सिंह ने SIT को सौंपे 11 सबूत, FIR पर उठाए सवाल
लखनऊ। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को अयोध्या राम मंदिर जमीन मामले से जुड़े 11 महत्वपूर्ण दस्तावेज एसआईटी (विशेष जांच दल) को सौंपे। संजय सिंह सुबह एसआईटी अध्यक्ष के कार्यालय पहुंचे और करीब 12 मिनट तक अधिकारियों के साथ बैठक कर कथित साक्ष्य जमा किए।
कार्यालय से बाहर आने के बाद संजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर जमीन मामले से जुड़े सभी उपलब्ध दस्तावेज एसआईटी को सौंप दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और अन्य तथ्यों के साक्ष्य सामने आ चुके हैं, तो अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई और किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई।
संजय सिंह ने कहा कि मामले में एक-एक कर तथ्य सामने आ रहे हैं और जांच एजेंसियों को अब शीघ्र कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग भी की।
इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का ट्रस्ट ने खंडन किया है। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने स्पष्ट किया कि चंपत राय ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे पूरी तरह भ्रामक हैं।
गोपाल राव ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्य पूरी तरह स्पष्ट होंगे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बागड़ा ने भी चंपत राय के इस्तीफे की खबर को निराधार बताया।
फिलहाल एसआईटी मामले की जांच जारी रखे हुए है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सौंपे गए दस्तावेजों के आधार पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या एजेंसी आगे कोई कानूनी कार्रवाई करती है।
