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MPL 2026: चम्बल घड़ियाल कैसे बनी लीग स्टेज की सबसे घातक टीम

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में चल रहें MPL टूर्नामेंट अपने अंतिम दौर में है। पिछले साल तक इस लीग में 7 टीमें शामिल थी। इस सीजन यह लीग 10 टीमों से साथ शुरू हुई। बढ़ती टीमों के साथ प्रतियोगिता और मुश्किल हो जाती है, लेकिन चम्बल घड़ियाल के खेल में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। शुभम शर्मा की अगुवाई में चम्बल घड़ियाल 8 मैच खेलने के बाद भी अजेय है, और लीग स्टेज में इसने अपना एकतरफा जलवा दिखाया।

इस टीम ने अपनी किस्मत के दम पर नहीं, बल्कि अपनी निरंतरता, रणनीति, और टीम की लगन और आत्मविश्वास से अपना नाम बनाया है।

टीम के कप्तान शुभम शर्मा ने अपनी बेहतरीन कप्तानी से दर्शकों का दिल जीत लिया। साथ ही में उन्होंने बल्लेबाज़ी से भी अपना नाम बनाया। उन्होंने एक छोर से अपना विकेट संभालते हुए 8 मैच में 262 रन बनाये है। टीम के तेज़ गेंदबाज़ी आवेश खान ने अपनी बखूबी टीम की हिस्सेदारी निभाई। आवेश ने अपनी अनुभवी गेंदबाज़ी से टीम की लाइन और लेंथ को सुधारा है। उनका प्रदर्शन भी काफ़ी उम्दा रहा है, हालांकि वह हर मैच नहीं खेल पाए, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में भी गेंदबाज़ो का प्रदर्शन शानदार रहा। कई बार चम्बल के गेंदबाज़ो में सामने वाली टीम को 150-160 के स्कोर के बीच में ही रोक लिया।

कई मौको पर चम्बल घड़ियाल की टीम ने शुरआती विकेट जल्दी खो दिए थे, लेकिन उनका लोअर मिडिल आर्डर काफी मज़बूत है जिसने चम्बल को कई करीबी मुकाबलों में जीत दिलाई है। जैसे त्रिपुरेश सिंह, अमन भदौरिया और मयूर पटेल की मुश्किल परिस्थिति में खेली गयी कई आक्रामक पारिया शामिल है।

चम्बल घड़ियाल ने अपने टीम प्लान से स्थिर और नियंत्रित नज़र आई है, जो इस टीम के प्रदर्शन में भी देखने को मिला है। पिछले साल चम्बल की टीम विजेता बनने से मात्र एक कदम दूर रह गयी थी और उपविजेता बनी थी। दूसरी ओर इस साल यह टीम MPL जीतने के लिए प्रबल दावेदार मानी जा रही है।

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