Advit Jewels IPO: 165 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च, 1 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली। रामभजो ब्रांड के तहत ज्वेलरी निर्माण और कारोबार करने वाली एडविट ज्वेल्स लिमिटेड का 165.16 करोड़ रुपये का आईपीओ (IPO) आज निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस सार्वजनिक निर्गम में 25 जून तक आवेदन कर सकते हैं। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 1 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर हो सकती है।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 130 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट यानी 100 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए अधिकतम प्राइस बैंड पर 13,800 रुपये का निवेश आवश्यक है। रिटेल निवेशक अधिकतम 14 लॉट (1,400 शेयर) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए लगभग 1.93 लाख रुपये का निवेश करना होगा।
इस आईपीओ के तहत कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,19,68,000 नए शेयर जारी कर रही है। इश्यू का लगभग 49.98 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs), 35.01 प्रतिशत रिटेल निवेशकों और 15.01 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NIIs) के लिए आरक्षित रखा गया है।
आईपीओ का शेयर आवंटन 29 जून को होने की संभावना है, जबकि सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर 30 जून को क्रेडिट किए जा सकते हैं। इश्यू के लिए होलानी कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर और बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत
कंपनी द्वारा सेबी के पास दाखिल डीआरएचपी के अनुसार, एडविट ज्वेल्स का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.39 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 14.71 करोड़ रुपये और 2024-25 में 25.37 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में ही कंपनी 25.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी थी।
राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कंपनी की कुल आय 2022-23 में 46.60 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 124.94 करोड़ रुपये हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में कंपनी 123.80 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर चुकी थी।
बढ़ा कर्ज, लेकिन मजबूत हुआ नेटवर्थ
हालांकि कारोबार के विस्तार के साथ कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में 5.84 करोड़ रुपये का कर्ज बढ़कर 2024-25 में 74.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि 31 दिसंबर 2025 तक यह घटकर 64.92 करोड़ रुपये रह गया।
दूसरी ओर कंपनी का नेटवर्थ लगातार मजबूत हुआ है। यह 2022-23 में 18.08 करोड़ रुपये से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 83.65 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA भी इसी अवधि में 12.77 करोड़ रुपये से बढ़कर 36.68 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और ज्वेलरी सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण यह आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि निवेश से पहले कंपनी के जोखिम कारकों और वित्तीय दस्तावेजों का अध्ययन करना जरूरी माना जा रहा है।
