ग्लोबल मार्केट में दबाव बरकरार, अमेरिकी गिरावट के बाद एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
वैश्विक शेयर बाजारों से गुरुवार को कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा चिप सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के चलते अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसका असर दुनिया भर के बाजारों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार दबाव में रहे। प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 953.33 अंक (1.87%) टूटकर 49,918.78 अंक पर बंद हुआ।
- एसएंडपी 500 इंडेक्स 119.66 अंक (1.62%) गिरकर 7,266.99 अंक पर पहुंच गया।
- नैस्डेक 509.32 अंक (1.98%) फिसलकर 25,169.50 अंक पर बंद हुआ।
हालांकि आज शुरुआती कारोबार में डाउ जॉन्स फ्यूचर्स 127.12 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,045.90 अंक के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिली है।
यूरोपीय बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला।
- एफटीएसई 100 इंडेक्स 0.27% बढ़कर 10,254.81 अंक पर बंद हुआ।
- सीएसी 40 इंडेक्स 0.51% गिरकर 8,161.83 अंक पर आ गया।
- डीएएक्स इंडेक्स 237.75 अंक (0.98%) टूटकर 24,195.31 अंक पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख
एशियाई बाजारों में आज निवेशकों का रुख मिला-जुला रहा। नौ प्रमुख बाजारों में से चार बढ़त और पांच गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
बढ़त वाले बाजार
- निक्केई इंडेक्स 0.07% बढ़कर 64,225 अंक पर
- स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.12% चढ़कर 4,964.65 अंक पर
- कोस्पी इंडेक्स 0.18% बढ़कर 7,744.93 अंक पर
- सेट कंपोजिट इंडेक्स 0.76% उछलकर 1,575.47 अंक पर
गिरावट वाले बाजार
- गिफ्ट निफ्टी 0.08% गिरकर 23,122 अंक पर
- जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 0.83% फिसलकर 5,853.21 अंक पर
- ताइवान वेटेड इंडेक्स 507.09 अंक (1.17%) टूटकर 42,718.45 अंक पर
- हैंग सेंग इंडेक्स 281.96 अंक (1.16%) गिरकर 24,126 अंक पर
- शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.73% कमजोरी के साथ 3,964.24 अंक पर कारोबार करता दिखा
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। भारतीय बाजारों की शुरुआत पर भी ग्लोबल संकेतों का असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि गिफ्ट निफ्टी फिलहाल कमजोरी में कारोबार कर रहा है।
वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकेतकों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, जो आने वाले कारोबारी सत्रों की दिशा तय कर सकते हैं।
