नेपाल संसद में अपनी ही सरकार पर भड़के सत्तारूढ़ सांसद, बालेन्द्र सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
नेपाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद अमरेश सिंह ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर खुलकर सवाल उठा दिए। बुधवार को नेपाली संसद की प्रतिनिधि सभा में बजट की प्राथमिकताओं पर चर्चा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह सरकार की तीखी आलोचना की और परंपराओं को तोड़े जाने पर गहरा असंतोष जताया।
वित्त मंत्री की गैरमौजूदगी पर नाराजगी
सांसद अमरेश सिंह ने वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले की सदन से अनुपस्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बजट चर्चा जैसे महत्वपूर्ण विषय के दौरान वित्त मंत्री की मौजूदगी हमेशा एक स्थापित परंपरा रही है।
उन्होंने कहा, “पुरानी परिपाटी छोड़ने के नाम पर सारी मान्य परंपराएं तोड़ी जा रही हैं। पिछले 20 वर्षों में पहली बार वित्त मंत्री के बिना बजट पर चर्चा होते देख रहा हूं। अगर नएपन के नाम पर सब कुछ तोड़ना है, तो सिंहदरबार, प्रधानमंत्री और मंत्री पद भी तोड़ दीजिए।”
मधेश की अनदेखी का आरोप
अमरेश सिंह ने सरकार पर मधेशी समुदाय की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे अधिक समर्थन मधेश क्षेत्र से मिला, लेकिन इसके बावजूद उस क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा, “इस सरकार पर मधेश का भी अधिकार है। प्रत्यक्ष और समानुपातिक चुनावों में सबसे ज्यादा वोट मधेश ने दिया है, लेकिन सत्ता और नियुक्तियों में उसका चेहरा नजर नहीं आता।”
“मधेश विस्फोट की स्थिति में”
सांसद ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि मधेश क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है और यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार मधेश को साथ लेकर चलने में विफल रही है, जिससे क्षेत्र में नाराजगी बढ़ रही है। संसद में उनकी इस टिप्पणी को बालेन्द्र शाह सरकार के लिए अंदरूनी असंतोष का संकेत माना जा रहा है।






