नेपाल में सूचना नियंत्रण सख्त: पीएमओ की मंजूरी के बिना कोई फैसला सार्वजनिक नहीं

Balendra Shah के नेतृत्व में Nepal सरकार ने प्रशासनिक संचार को लेकर सख्त कदम उठाया है। Prime Minister’s Office Nepal (पीएमओ) ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि बिना उसकी पूर्व स्वीकृति के कोई भी नीतिगत निर्णय सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
Kathmandu से जारी इस निर्देश के अनुसार, हर मंत्रालय को किसी भी प्रेस विज्ञप्ति या आधिकारिक सूचना जारी करने से पहले पीएमओ से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रधानमंत्री की प्रेस सलाहकार Deepa Dahal ने स्पष्ट किया कि अब सभी मंत्रालयों को अपने निर्णयों के प्रकाशन से पहले केंद्रीय स्तर पर मंजूरी लेनी होगी।
पीएमओ के अनुसार, कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की टीम तैनात है, जिन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इन विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही कोई जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
हालांकि, इस नए आदेश को लेकर सरकारी तंत्र के भीतर असमंजस की स्थिति भी देखी जा रही है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार की केंद्रीकृत स्वीकृति प्रक्रिया पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर सकती है।
इससे पहले 31 मार्च को प्रधानमंत्री Balendra Shah ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन अपने कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया था। इसके तहत सभी मंत्रालयों, विभागों और आयोगों को दिनभर की गतिविधियों की रिपोर्ट पीएमओ को भेजनी होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम Nepal PMO Order के तहत प्रशासनिक नियंत्रण और समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन इसका असर Government Communication Control और पारदर्शिता पर किस तरह पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।






