ग्लोबल मार्केट में भारी दबाव: ईरान तनाव से अमेरिकी-एशियाई बाजारों में बिकवाली, निवेशकों में डर

दुनिया भर के शेयर बाजारों में सोमवार को कमजोरी और बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी को माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान के साथ कोई सकारात्मक समझौता नहीं होता, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई, जिससे निवेशकों ने जोखिम भरे निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
- S&P 500 1.24% गिरकर 7,408.50 अंक पर बंद हुआ।
- Nasdaq Composite 1.54% टूटकर 26,225.14 अंक पर पहुंच गया।
- Dow Jones Industrial Average फ्यूचर्स में भी कमजोरी बनी हुई है और यह 0.83% गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजारों में भी दबाव
यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी बिकवाली का माहौल देखने को मिला।
- FTSE 100 1.74% गिरकर 10,195.37 अंक पर बंद हुआ।
- CAC 40 1.63% टूटकर 7,952.55 अंक पर आ गया।
- DAX 2.11% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में भी लाल निशान
एशियाई बाजारों में भी सोमवार को दबाव का माहौल बना रहा। नौ प्रमुख बाजारों में से आठ लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
- Hang Seng Index 1.68% टूट गया।
- Nikkei 225 1.10% गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
- Taiwan Weighted Index 1.22% फिसल गया।
- Jakarta Composite Index में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जो 4% से ज्यादा टूट गया।
हालांकि, दक्षिण कोरिया का KOSPI हल्की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।
गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी, भारतीय बाजार पर असर संभव
भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत भी कमजोर दिखाई दे रहे हैं। Gift Nifty करीब 160 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत भी दबाव में हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितता आने वाले दिनों में बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।






