भोपाल में आज इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव, निवेश संभावनाओं पर फ्रांसीसी कंपनियों संग होगा मंथन

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में फ्रांस की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री Mohan Yadav विदेशी निवेशकों से संवाद कर मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें फ्रांस के राजदूत, वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि, राज्य सरकार के अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने उद्योग, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट, नीति सुधार और निवेश सुविधा के क्षेत्र में तेज प्रगति की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का ध्यान प्रदेश की ओर बढ़ा है।
कॉन्क्लेव में एग्रो और फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल एवं ईवी, डिफेंस एवं एविएशन, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश अवसरों पर विशेष चर्चा होगी। सरकार इन सेक्टर्स में मध्य प्रदेश को उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेगी।
इस आयोजन में फ्रांस की कई प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी प्रस्तावित है, जिनमें सनोफी, डसॉल्ट सिस्टम्स, सूफलेट माल्ट, सिस्ट्रा, ईडीएफ, एंजी, मोनिन, रॉयल कैनिन, लैक्टालिस, वर्टो मोबिलिटी, टेक्नीक सोलैर और जियोडिस इंडिया शामिल हैं।
कॉन्क्लेव के दौरान बी-2-बी (Business to Business) और बी-2-जी (Business to Government) बैठकें भी आयोजित होंगी, जिनमें संयुक्त उपक्रम (Joint Venture), तकनीकी सहयोग, स्किल डेवलपमेंट और लोकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
मुख्य सत्र में “Unlocking Madhya Pradesh: Policy, Partnerships and Pathways for Sustainable Investment” विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। इसमें मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश प्रोत्साहन प्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Mohan Yadav की मौजूदगी में फ्रांसीसी कंपनियों द्वारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) प्रस्तुत किए जाएंगे और कई महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों के बीच वन-टू-वन बैठकें भी प्रस्तावित हैं।






