जयपुर में तीनों सेनाओं के कमांडरों का मंथन, साइबर और स्पेस युद्ध की रणनीति पर फोकस

Rajnath Singh ने जयपुर में आयोजित तीनों सेनाओं की दो दिवसीय कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेते हुए भविष्य के साइबर और स्पेस युद्ध के लिए तैयार रहने पर जोर दिया। सेना की दक्षिणी-पश्चिमी कमान के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में नवाचार, स्वदेशीकरण और नागरिक-सैन्य समन्वय के जरिए आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री ने कमांडरों से कहा कि वे देश के दुश्मनों के खिलाफ “एलीमेंट ऑफ सरप्राइज” बनाए रखें, ताकि किसी भी परिस्थिति में रणनीतिक बढ़त हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि नई सोच, आधुनिक तकनीक और बेहतर तालमेल से जीते जाएंगे।
Operation Sindoor की पहली वर्षगांठ के अवसर पर जयपुर पहुंचे रक्षा मंत्री ने सम्मेलन के पहले दिन ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की। इसके साथ ही विजन 2047, इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन आर्किटेक्चर और एयर डिफेंस के लिए संयुक्त सिद्धांत दस्तावेज भी लॉन्च किए गए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि भारत कम समय में गहराई तक जाकर हाई-इंटेंसिटी और हाई-इम्पैक्ट ऑपरेशन करने की क्षमता रखता है। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और नए सैन्य मूल्यों का प्रतीक बताया।
सम्मेलन में तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, साइबर सुरक्षा, स्पेस डिफेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव पर गहन मंथन किया गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि नई तकनीकों का युद्ध के हर क्षेत्र पर गहरा असर पड़ रहा है, इसलिए देश को हर मोर्चे पर तैयार रहना होगा।
कार्यक्रम में Anil Chauhan, Upendra Dwivedi, Dinesh Kumar Tripathi और A. P. Singh समेत रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






