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जेट फ्यूल महंगा: अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए ATF में 5% बढ़ोतरी

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच यह फैसला लिया गया है।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों के अनुसार नई दरों के तहत ATF की कीमत 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर बढ़कर 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गई है, जो करीब 5.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। हालांकि घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह लगातार दूसरा महीना है जब जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल में भी कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण ATF के दाम में करीब 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई थी।

उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार, तेल कंपनियां अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का असर चरणबद्ध तरीके से ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं। इस बढ़ोतरी का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए पर पड़ सकता है, हालांकि घरेलू उड़ानों के किराए में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है।

सरकार और तेल कंपनियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को देखते हुए कीमतों को संतुलित तरीके से लागू करने की रणनीति अपनाई है। विदेशी एयरलाइंस को बाजार दरों पर ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर तय होती हैं, इसलिए वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर विमानन क्षेत्र पर पड़ता है। आने वाले समय में अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो एयरफेयर में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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