तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार: लगातार दूसरे साल डबल-डिजिट ग्रोथ, 2030 तक $1 ट्रिलियन लक्ष्य

तमिलनाडु ने लगातार दूसरे वर्ष डबल-डिजिट आर्थिक वृद्धि दर दर्ज कर एक अहम उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि राज्य की मजबूत औद्योगिक नीति, निवेश-आधारित विकास और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है।
राज्य के उद्योग मंत्री टी. आर. बी. राज़ा ने इस सफलता को योजनाबद्ध विकास का परिणाम बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक क्षमता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि यह उपलब्धि “द्रविड़ मॉडल” की सफलता को दर्शाती है, जिसने निवेश, औद्योगिक विस्तार और समावेशी विकास को गति दी है।
मंत्री राज़ा के अनुसार, पहले से औद्योगिक रूप से मजबूत राज्य का इस गति से आगे बढ़ना वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर यही रफ्तार बरकरार रही, तो तमिलनाडु आने वाले वर्षों में चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की तरह तेज आर्थिक विकास का उदाहरण बन सकता है।
राज्य सरकार ने 2030 तक तमिलनाडु को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके लिए निवेश आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निरंतर आर्थिक वृद्धि न केवल राज्य को भारत में अग्रणी बनाएगी, बल्कि वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर भी तमिलनाडु की स्थिति को मजबूत करेगी।
यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, जिससे यह विकास मॉडल और भी चर्चा का विषय बन गया है।






