आरबीआई ने वीआरआर नीलामी से बैंकिंग सिस्टम में डाले 79,256 करोड़ रुपये

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी को दूर करने के लिए एकदिवसीय ‘वैरिएबल रेट रेपो’ (VRR) नीलामी के माध्यम से 79,256 करोड़ रुपये की अस्थायी तरलता डाली है।

💰 नकदी संकट से निपटने की कोशिश

आरबीआई के अनुसार:

  • यह राशि 5.26% कट-ऑफ रेट पर डाली गई
  • नीलामी की अधिसूचित राशि 1 लाख करोड़ रुपये थी
  • वास्तविक आवंटन इससे कम रहा

📉 बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी

अग्रिम कर भुगतान के चलते बैंकिंग प्रणाली में नकदी तेजी से घटी है।

  • 23 मार्च तक नकदी घाटा: 65,395.64 करोड़ रुपये

🔄 पहले भी उठाए गए कदम

इससे पहले भी आरबीआई ने कई बार नकदी बढ़ाने के लिए कदम उठाए:

  • 20 मार्च: 3 दिन की वीआरआर नीलामी से 25,101 करोड़ रुपये
  • 17 मार्च: 7 दिन की वीआरआर नीलामी से 48,014 करोड़ रुपये

📊 दीर्घकालिक तरलता भी बढ़ाई

आरबीआई ने जनवरी 2026 से अब तक:

  • ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के जरिए
  • 3.50 लाख करोड़ रुपये की स्थायी नकदी भी डाली है

📈 क्यों जरूरी है यह कदम?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • टैक्स भुगतान के कारण बाजार में नकदी घटती है
  • इससे ब्याज दरों पर दबाव बढ़ सकता है
  • ऐसे में आरबीआई का हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है
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