बालेन्द्र शाह की पहली कैबिनेट बैठक में 100 दिन में 100 एजेंडा प्रस्ताव पारित

प्रधानमंत्री पद के बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार में कई पुरानी परंपराओं को बदलने की योजना बनाई गई है। इसमें पहली कैबिनेट बैठक से 100 दिन में 100 एजेंडा प्रस्ताव पारित करने की तैयारी शामिल है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने संकेत दिया है कि मंत्री शपथ के बाद ‘पहले निर्णय’ लेने की परंपरा को जारी नहीं रखा जाएगा। इसके बजाय, कैबिनेट स्तर पर ही 100 दिनों के भीतर लागू करने के लक्ष्य के साथ ‘100 निर्णय’ लेने का मॉडल अपनाया जाएगा।

बालेन्द्र के करीबी नेता कुमार बेन ने कहा, “मंत्री व्यक्तिगत रूप से पहला निर्णय नहीं लेंगे। कैबिनेट प्राथमिकताओं के आधार पर 100 फैसले करेगी और संबंधित मंत्रालय उन निर्णयों को लागू करेगा। इससे परिणाम भी सीधे दिखाई देंगे।” उन्होंने बताया कि इस मॉडल का उद्देश्य ‘लोकलुभावन घोषणाओं’ के बजाय परिणाममुखी कार्यों पर जोर देना है।

कुमार बेन के अनुसार, प्रत्येक मंत्री की सहायता के लिए चार-चार सांसदों को नियुक्त करने का विचार चल रहा है। इससे निर्णयों के कार्यान्वयन और निगरानी दोनों में आसानी होगी।

इसके अलावा, वनस्थली स्थित केंद्रीय कार्यालय में हुई केंद्रीय समिति और संसदीय दल की बैठक में सभापति लामिछाने ने मंत्री चयन की जिम्मेदारी नेतृत्व पर छोड़ने और विशेषज्ञता के आधार पर मंत्रियों का चयन करने का निर्देश दिया। उन्होंने आंतरिक लॉबिंग से बचने का भी सुझाव दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल से नई सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी और जनता के सामने स्पष्ट परिणाम पेश किए जा सकेंगे।

Share

Similar Posts