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नीरव मोदी को बड़ा झटका: लंदन हाई कोर्ट ने प्रत्यर्पण याचिका दोबारा खोलने की मांग खारिज की

भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को एक और बड़ा कानूनी झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट किंग्स बेंच डिवीजन ने उनके प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ कार्यवाही दोबारा शुरू करने की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के इस फैसले से भारत लाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है।

नीरव मोदी ने अपनी याचिका में ‘भंडारी फैसले’ का हवाला देते हुए दावा किया था कि भारत प्रत्यर्पण की स्थिति में उन्हें यातना का खतरा हो सकता है। यह संदर्भ संजय भंडारी के मामले से जुड़ा है, जिसमें ब्रिटेन की अदालत ने मानवीय आधार पर उनके प्रत्यर्पण से इनकार किया था।

हालांकि, सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने नीरव मोदी के दावों का कड़ा विरोध किया और अदालत के समक्ष ठोस तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि यह मामला उन “असाधारण परिस्थितियों” के मानदंडों को पूरा नहीं करता, जिनके आधार पर कार्यवाही को दोबारा खोला जा सके।

गौरतलब है कि नीरव मोदी भारत में बहुचर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में वांछित है। वह वर्ष 2018 में देश छोड़कर फरार हो गया था और 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही ब्रिटिश अदालतें उसकी कई अपीलों को खारिज कर चुकी हैं और प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं।

ताजा फैसले के बाद अब नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है, जिससे लंबे समय से लंबित इस हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराध मामले में न्याय की दिशा में अहम प्रगति मानी जा रही है।

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