भारत निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल से 15 IPS अधिकारियों को बाहर भेजा

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 15 आईपीएस अधिकारियों को राज्य से बाहर भेजने का निर्णय लिया है।
आयोग ने राज्य सरकार द्वारा की गई इन अधिकारियों की वैकल्पिक तैनाती को रद्द करते हुए उन्हें अन्य चुनावी राज्यों में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया है।
📜 आयोग का निर्देश
जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि जिन अधिकारियों को पहले उनके पदों से हटाया गया था, उन्हें राज्य के भीतर अन्य पदों पर तैनात नहीं किया जा सकता।
👮 प्रभावित अधिकारी
स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में
आकाश माघरिया
आलोक राजोरिया
अमनदीप
अभिजीत बनर्जी
भास्कर मुखर्जी
सी. सुधाकर
धृतिमान सरकार
इंदिरा मुखर्जी
मुरलीधर
मुकेश
प्रवीण कुमार त्रिपाठी
प्रियब्रत राय
संदीप कर्रा
राशिद मुनीर खान
सैयद वकार राजा
शामिल हैं।
इनमें से मुरलीधर बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय और सैयद वकार राजा सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे।
⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस फैसले से पहले विपक्षी दलों, खासकर भारतीय जनता पार्टी ने मांग की थी कि इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से दूर रखा जाए।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिना राज्य सरकार से परामर्श किए इस फैसले पर आपत्ति जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर नाराजगी व्यक्त की।
🗳️ चुनाव कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे:
पहला चरण: 23 अप्रैल (152 सीटें)
दूसरा चरण: 29 अप्रैल (142 सीटें)
📌 महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव आयोग का यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में अहम है, जिससे प्रशासनिक प्रभाव को कम किया जा सके।






