द्रौपदी मुर्मु ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किया ‘श्रीराम यंत्र’, रचा नया इतिहास

द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस और हिंदू नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना कर एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया।
🕉️ वैदिक विधि से स्थापना
‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में अभिजीत मुहूर्त में वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुई।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सबसे पहले श्रीरामलला के दर्शन कर पूजा और आरती की, इसके बाद यंत्र स्थापना का पूरा अनुष्ठान सम्पन्न कराया।
🔔 गूंज उठा रामनगरी का वातावरण
जैसे ही ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना हुई, पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
👥 विशिष्ट उपस्थिति
इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें
- योगी आदित्यनाथ
आनंदीबेन पटेल
चंपत राय
अमृतानंदमयी अम्मा
गोविंद देव गिरी
सहित देश-विदेश से आए 7,000 से अधिक श्रद्धालु और संत शामिल हुए।
✈️ राष्ट्रपति का दौरा
राष्ट्रपति मुर्मु इस समय उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय आध्यात्मिक दौरे पर हैं। अयोध्या कार्यक्रम के बाद वह मथुरा और वृंदावन जाएंगी, जहां बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करेंगी।
📌 ऐतिहासिक महत्व
‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना को सनातन परंपरा के पुनर्जागरण और राम मंदिर के पूर्ण निर्माण के बाद एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक मील का पत्थर माना जा रहा है।






