तेहरान में आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर हमला, 12 हजार सीटों वाला इंडोर एरिना ध्वस्त

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की राजधानी Tehran में स्थित प्रतिष्ठित Azadi Sports Complex पर कथित रूप से अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले की खबर सामने आई है। इस हमले में कॉम्प्लेक्स का 12,000 सीटों की क्षमता वाला इंडोर एरिना पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन बताया है। ईरान के खेल मंत्री Ahmad Donyamali ने घटनास्थल का दौरा किया और वैश्विक समुदाय से जवाबदेही तय करने की अपील की।
हालांकि, इस घटना पर United States और Israel की ओर से अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
ईरान का सबसे बड़ा खेल परिसर
तेहरान का आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ईरान के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित खेल परिसरों में से एक है। इस परिसर का मुख्य फुटबॉल स्टेडियम लगभग 78,000 से 1,00,000 दर्शकों की क्षमता वाला माना जाता है।
कॉम्प्लेक्स का इंडोर एरिना वॉलीबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल और फुटसल जैसे खेलों के आयोजन के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। इसके अलावा परिसर में कई अन्य खेल सुविधाएं भी मौजूद हैं, जिनमें कृत्रिम झील (रोइंग और कयाकिंग), तैराकी केंद्र, वेलोड्रोम और प्रशिक्षण मैदान शामिल हैं।
ऐतिहासिक महत्व भी रखता है परिसर
आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण Mohammad Reza Pahlavi के शासनकाल में 1974 Asian Games की मेजबानी के लिए किया गया था। बाद में इस स्टेडियम ने 1976 AFC Asian Cup सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी की।
स्थापना के समय इसका नाम आर्यमेहर स्टेडियम था, जिसे बाद में Iranian Revolution के बाद बदलकर आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कर दिया गया।
अन्य इमारतों को भी भारी नुकसान
ईरान सरकार के अनुसार, 5 मार्च को हुए हवाई हमले में इंडोर एरिना के साथ साइकिलिंग फेडरेशन की नई इमारत और डॉरमिटरी को भी भारी क्षति पहुंची है। सरकार ने लोगों को इस इलाके से दूर रहने की सलाह दी है। यह कॉम्प्लेक्स तेहरान के पश्चिम में एकबतन जिले के पास स्थित है।
अमेरिका की चेतावनी
इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि मौजूदा सैन्य अभियान अभी शुरुआती चरण में है और आगे और भी बड़ी सैन्य कार्रवाई संभव है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल की सेनाएं मौजूदा क्षमता से कई गुना तेज और शक्तिशाली हमला करने में सक्षम हैं और वाशिंगटन इस सैन्य अभियान को रोकने वाला नहीं है।






