नेपाल में सत्ता संभालते ही बड़ा फैसला: बालेन्द्र शाह 1170 राजनीतिक नियुक्तियां कर सकते हैं रद्द

नेपाल में बनने जा रही नई सरकार बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी में है। बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में बनने वाली सरकार पहली ही कैबिनेट बैठक में 1,170 राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द करने का बड़ा फैसला ले सकती है।
🏛️ पहली कैबिनेट में बड़ा एक्शन
27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बालेन्द्र शाह उसी दिन मंत्रिमंडल का गठन करेंगे। इसके तुरंत बाद पहली बैठक में:
- विभिन्न निकायों में हुई राजनीतिक नियुक्तियों की समीक्षा
- अनावश्यक पदों को समाप्त करने का निर्णय
- नियुक्त लोगों को हटाने की प्रक्रिया
शुरू की जाएगी।
📊 1170 नियुक्तियों पर गिरेगी गाज
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद पुकार बम के अनुसार:
- कुल 1,170 राजनीतिक नियुक्तियों का डेटा जुटाया जा रहा है
- पहली ही बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा
⚖️ “कार्यकर्ता भर्ती केंद्र” खत्म करने की तैयारी
पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने स्पष्ट किया कि:
- यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है
- बल्कि सरकारी संस्थानों को “कार्यकर्ता भर्ती केंद्र” बनने से रोकने के लिए है
उन्होंने कहा:
केवल राजनीतिक लाभ के लिए की गई नियुक्तियों को खत्म किया जाएगा
📢 स्वेच्छा से इस्तीफा देने की अपील
नई सरकार बनने से पहले ही:
- कई पदाधिकारियों से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने को कहा गया है
- सरकार बनने के बाद सख्त कार्रवाई की संभावना
🏢 किन-किन संस्थानों पर असर?
हालांकि नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन असर इन पर पड़ सकता है:
- संवैधानिक निकाय
- सरकारी बोर्ड और परिषद
- कूटनीतिक मिशन
- आयोग जैसे:
- मानव अधिकार आयोग
- महिला आयोग
- दलित आयोग
- निर्वाचन आयोग
- नेपाल राष्ट्र बैंक
🔍 कुछ संस्थान भी हो सकते हैं खत्म
पार्टी नेताओं के अनुसार:
- कुछ निकायों को “अनावश्यक” माना जा रहा है
- ऐसे संस्थानों को पूरी तरह समाप्त करने पर भी विचार
🚨 जनता को दिखेगा त्वरित असर
जेन-जी आंदोलन के बाद भारी जनमत से सत्ता में आ रही सरकार:
- शुरुआत में ही “बड़ा और दिखाई देने वाला फैसला” लेना चाहती है
- प्रशासनिक सुधार को प्राथमिकता दे रही है






