नेपाल सरकार राजदूतों की नियुक्ति खुली प्रतिस्पर्धा से करने की तैयारी में

नेपाल सरकार ने राजदूतों की नियुक्ति खुली प्रतिस्पर्धा के माध्यम से करने की तैयारी शुरू कर दी है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में संकेत दिया कि इस संबंध में जल्द ही विज्ञापन जारी किया जा सकता है।

विदेश मंत्री के अनुसार, इस प्रस्ताव को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से सहमति प्राप्त कर ली है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो वर्तमान सरकार के गठन के बाद यह पहला अवसर होगा जब खुली प्रतिस्पर्धा के जरिए राजदूतों की नियुक्ति की जाएगी।

इससे पहले केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2018 में राजनीतिक कोटे से नियुक्त होने वाले राजदूतों के लिए कुछ मापदंड तय किए थे। हालांकि, अब तक किसी भी सरकार ने पूरी तरह से खुली प्रतिस्पर्धा के आधार पर नियुक्तियां नहीं की हैं।

निर्देशिका के अनुसार, कुल रिक्त राजदूत पदों में कम से कम 50 प्रतिशत नियुक्ति विदेश सेवा से और शेष 50 प्रतिशत राजनीतिक आधार पर किए जाने का प्रावधान है। अब तक विदेश मंत्रालय में कार्यरत करियर डिप्लोमेट्स और सत्तारूढ़ दल द्वारा चुने गए व्यक्तियों को ही राजदूत बनाया जाता रहा है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने मंत्री खनाल से आग्रह किया है कि इस बार 50 प्रतिशत से अधिक नियुक्तियां करियर डिप्लोमेट्स में से की जाएं। प्रस्तावित विज्ञापन में इच्छुक उम्मीदवारों से आयु, अनुभव और शैक्षिक योग्यता से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी।

यह कदम नेपाल की कूटनीतिक नियुक्तियों में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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