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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का दिया निमंत्रण

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस वर्ष आयोजित होने वाले 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया है। इस बार जी7 सम्मेलन की मेजबानी फ्रांस करेगा और यह बैठक एवियन में आयोजित की जाएगी।

मुंबई में जारी एक प्रेस वक्तव्य में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि शिखर सम्मेलन से पहले भारत और फ्रांस के बीच अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर सहमति बनाने के लिए एक विशेष बैठक आयोजित करने की आवश्यकता है। उन्होंने दोनों देशों के युवाओं के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया।

जी7 में प्रमुख वैश्विक शक्तियों की भागीदारी

जी7 शिखर सम्मेलन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का वार्षिक मंच है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, इटली, कनाडा और यूरोपीय संघ के नेता शामिल होते हैं। यह मंच वैश्विक आर्थिक स्थिरता, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। भारत, हालांकि जी7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका को देखते हुए उसे नियमित रूप से आमंत्रित किया जाता है।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा बल

विश्लेषकों का मानना है कि यह निमंत्रण भारत और फ्रांस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का संकेत है। रक्षा, प्रौद्योगिकी, जलवायु कार्रवाई और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरा समन्वय रहा है।

G7 Summit 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की संभावित भागीदारी वैश्विक कूटनीति में भारत की सक्रिय भूमिका को और मजबूत कर सकती है।

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