मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल समेत 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा, सुबह-शाम ठंड का असर तेज

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बीते चार दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि बुधवार सुबह ग्वालियर-चंबल अंचल सहित करीब 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा।
सुबह के समय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में हल्के से लेकर मध्यम और कहीं-कहीं घने कोहरे का असर देखा गया। कोहरे के कारण कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार 5 फरवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घने कोहरे की संभावना बनी हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, देवास, शाजापुर, विदिशा और रायसेन सहित कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का प्रभाव रह सकता है। 6 फरवरी को भी प्रदेश के अनेक जिलों में कोहरा छाए रहने का अनुमान है, हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे अधिक देखने को मिला। मुरैना में विजिबिलिटी घटकर लगभग 50 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्वालियर और रीवा में भी सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों को हाई बीम लाइट का सहारा लेना पड़ा। तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने बताया कि 5 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। 10 फरवरी तक मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर, भोपाल, मंदसौर, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा और गुना में बारिश, ओलावृष्टि और आंधी के हालात बने रहे।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।






