90% झुलसे युवक की मौत: परिजनों का आरोप- पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया; पुलिस बोली- जांच के बाद होगा खुलासा

उमरिया। मझौली में एक युवक की जलने से हुई मौत का मामला अब गंभीर आरोप-प्रत्यारोपों के बीच जांच का विषय बन गया है।मृतक के परिजनों ने इसे पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की घटना बताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि युवक ने स्वयं आग लगाई थी या उसे आग लगाई गई। इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
परिजनों ने तीन लोगों पर लगाया जिंदा जलाने का आरोप
शिकायतकर्ता अशोक केवट ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 16 जुलाई 2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम मझौली निवासी विद्या बाई, ग्राम बड़ार निवासी पंकज साहू और उसके दो अन्य साथियों ने उसके भाई कृष्ण कुमार केवट को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
दरवाजा बाहर से बंद करने का आरोप, गंभीर हालत में कराया गया इलाज
परिजनों का आरोप है कि आग लगाने के बाद कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया था, जिससे कृष्ण कुमार बुरी तरह झुलस गया। घटना की सूचना डायल-112 को दी गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए शहडोल जिला अस्पताल ले जाया गया।
शहडोल से बिलासपुर तक चला इलाज, 21 जुलाई को हुई मौत
कृष्ण कुमार की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल, फिर जबलपुर और बाद में बिलासपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान 21 जुलाई 2026 को उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक युवक करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुका था।
पुलिस बोली- खुद आग लगाई या जलाया गया, जांच में होगा खुलासा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवक ने स्वयं आग लगाई थी या उसे आग लगाई गई, यह जांच का विषय है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी घटना की असली वजह
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही युवक की मौत के कारण और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।