लोकसभा में पेश हुआ विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, जेपीसी को भेजा गया

लोकसभा में कल विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 पेश किया गया, जिसे आगे की विस्तृत समीक्षा और विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दलों ने इसका विरोध भी किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि कार्य सलाहकार समिति की बैठक में कई सांसदों ने इस विधेयक पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विधेयक को जेपीसी को भेजने का निर्णय लिया है, ताकि सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जा सके।
किरण रिजिजू ने यह भी बताया कि सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष से संयुक्त संसदीय समिति के गठन के लिए सदस्यों की नियुक्ति का अनुरोध किया है। उनका कहना था कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी दलों की भागीदारी के साथ विचार-विमर्श आवश्यक है, जिससे बेहतर और संतुलित कानून बनाया जा सके।
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 का मुख्य उद्देश्य देश के विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को शिक्षण, अधिगम, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि यह विधेयक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करेगा।






