राजस्थान में एसआईआर में धांधली का कांग्रेस का आरोप, चुनाव आयोग और भाजपा पर लोकतंत्र से खिलवाड़ का दावा

राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं, और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं

📢 कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोटासरा ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि

  • झुंझुनू में एक ही दिन में 13,882 फॉर्म-7

  • मंडावा में 16,276 फॉर्म

  • उदयपुरवाटी में 1,241 फॉर्म

  • खेतड़ी में 1,478 फॉर्म

जमा कराए गए।
उन्होंने बताया कि पूरे राजस्थान में लगभग 1.40 लाख फॉर्म रजिस्टर किए जा चुके हैं, जो अपने आप में संदेह पैदा करता है।

🗳️ अमित शाह के दौरे से जोड़ा गया मामला

डोटासरा ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के राजस्थान दौरे के दौरान भाजपा ने गुप्त रूप से यह प्रक्रिया चलाई
उनके अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 हजार फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म प्रिंट कराए गए और एसआईआर के नाम पर मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया।

⚠️ नियमों की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि नियमों के तहत
एक बीएलए (Booth Level Agent) एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा कर सकता है,
लेकिन फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए हजारों फॉर्म एसडीएम कार्यालयों में जमा करवाए गए।

उन्होंने दावा किया कि कई बीएलए ने मीडिया के सामने बयान दिया है कि

  • उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए

  • फॉर्म अधूरे और गलत जानकारी वाले हैं

🏛️ अधिकारियों पर दबाव का दावा

डोटासरा ने आरोप लगाया कि
प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव डालकर फॉर्म स्वीकार करवाए जा रहे हैं,
और जिन कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया, उनका तबादला कर दिया गया

उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ है।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान ने गरीबों को वोट देने का अधिकार दिया, जिसे अब छीना जा रहा है।”

📄 चुनाव आयोग से शिकायत

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
डोटासरा ने चेतावनी दी कि

“अगर इस तरह की प्रक्रिया जारी रही, तो भविष्य में चुनाव करवाने की जरूरत ही नहीं बचेगी।”

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