भाजपा विधायक शंकर घोष का 24 घंटे का प्रतीकात्मक अनशन समाप्त

विकास निधि में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष द्वारा किया गया 24 घंटे का प्रतीकात्मक अनशन शुक्रवार को समाप्त हो गया। निर्धारित समय पूरा होने के बाद विधायक ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने अनशन कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया।

अनशन मंच पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के समक्ष नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विधायक शंकर घोष ने एक बार फिर अपने आंदोलन का उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर विपक्षी दलों के विधायकों के लिए निर्धारित विधायक विकास निधि (एमएलए फंड) के कार्यों को रोक रही है और प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।

विधायक ने कहा कि इस भेदभावपूर्ण रवैये के कारण सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं लंबे समय से रुकी हुई हैं, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अनशन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्षी विधायकों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ एक प्रतीकात्मक आंदोलन है।

शंकर घोष ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में वह बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा के लिए उनकी संघर्ष यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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