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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना जारी, शुरुआती रुझानों में एनडीए बढ़त

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना राज्यभर में कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होते ही सभी 243 सीटों के रुझान मिलने लगे। राज्य के 38 जिलों में बने 46 मतगणना केंद्रों पर बड़ी संख्या में चुनाव कर्मी तैनात हैं। शुरुआती रुझानों के अनुसार एनडीए 189 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि महागठबंधन 51 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। जनता दल यूनाइटेड 84, भाजपा 78, लोजपा (रामविलास) 22, हम 4 और आरएलएम 1 सीट पर मजबूत स्थिति में है। दूसरी ओर राजद 39, कांग्रेस 7, वामदल कुल 2 तथा अन्य 3 सीटों पर आगे चल रहे हैं।

मतगणना प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कुल 243 चुनाव अधिकारी और उतनी ही संख्या में मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। सभी उम्मीदवारों और उनके अधिकृत एजेंटों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश दिया गया है। निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न दलों और उम्मीदवारों ने 18 हजार से अधिक एजेंटों की नियुक्ति की है, जो हर टेबल पर मतगणना की निगरानी कर रहे हैं।

राज्य सरकार और भारत निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। मतगणना केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा लागू की गई है—भीतरी घेराबंदी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और बाहरी परिधि में बिहार पुलिस तैनात है। इसके अलावा राज्य के बाहर से मंगाई गई 106 कंपनियाँ भी सुरक्षा में जुटी हैं। हर केंद्र पर 24×7 सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित रहे।

चुनाव आयोग ने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल results.eci.gov.in पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करें। आयोग ने अनौपचारिक स्रोतों, सोशल मीडिया फ़ॉरवर्ड्स और अप्रमाणित सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है। टीवी और डिजिटल मीडिया को भी प्रसारण में सटीकता का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

शुरुआती रुझानों में एनडीए 75, महागठबंधन 55 और जनसुराज पार्टी 6 सीटों पर आगे दिखाई दे रही है। चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को संपन्न हुए थे। इस बार मतदान का प्रतिशत 67% से अधिक रहा, जो वर्ष 1951 के बाद अब तक का सबसे अधिक है। कुल 2,616 उम्मीदवार, जिनमें 258 महिलाएँ शामिल हैं, चुनाव मैदान में उतरे थे। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट होती जा रही है।

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