पीएम मोदी: सोमनाथ भारत माता की वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक गाथा को याद करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस का प्रतीक है, जिन्होंने हर चुनौती के बावजूद अपनी संस्कृति और सभ्यता को जीवित रखा।
पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग पोस्ट और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि वर्ष 1026 में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर पहला भीषण आक्रमण हुआ था। इस आक्रमण का उद्देश्य केवल मंदिर को नष्ट करना नहीं, बल्कि भारत की आस्था और सांस्कृतिक आत्मा को कुचलना था। इसके बावजूद, सोमनाथ मंदिर बार-बार हुए हमलों के बावजूद पुनः खड़ा हुआ और आज भी पूरे गौरव के साथ अडिग है।
गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखता है। शास्त्रों के अनुसार, इसके दर्शन से पापों से मुक्ति और आत्मिक शांति प्राप्त होती है। इस मंदिर ने इतिहास में विदेशी आक्रमणों का सामना किया, जिसमें जनवरी 1026 में गजनी के महमूद द्वारा किए गए आक्रमण ने गहरी चोट दी, लेकिन भारतीय चेतना को समाप्त नहीं कर सका।
प्रधानमंत्री ने कहा, “सोमनाथ की कहानी केवल विनाश की नहीं, बल्कि हजार वर्षों से चले आ रहे संघर्ष, बलिदान और पुनर्निर्माण की प्रेरक कथा है। यह मंदिर आज भी विश्व को यह संदेश देता है कि आस्था को न तो मिटाया जा सकता है और न ही झुकाया जा सकता है।”






