उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने वीरामंगई रानी वेलू नाचियार की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज भारत की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी वीरामंगई रानी वेलू नाचियार की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संदेश में रानी वेलू नाचियार के अद्वितीय साहस और देशभक्ति को नमन किया।
अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि वीरामंगई रानी वेलू नाचियार एक साहसी शासक और दूरदर्शी नेता थीं, जिन्होंने औपनिवेशिक प्रभुत्व के विरुद्ध दृढ़ता से संघर्ष किया। उन्होंने न केवल युद्ध कौशल का परिचय दिया, बल्कि अपनी रणनीतिक सूझबूझ और असाधारण नेतृत्व क्षमता से इतिहास में एक अमिट स्थान बनाया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि रानी वेलू नाचियार का जीवन साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने राज्य और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जो आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने आगे कहा कि वीरामंगई रानी वेलू नाचियार की अमर विरासत आने वाली पीढ़ियों, विशेष रूप से महिलाओं को प्रेरित करती रहेगी। उनका जीवन यह संदेश देता है कि साहस, गरिमा और देश के प्रति निष्ठा से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
रानी वेलू नाचियार को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अग्रदूत महिलाओं में गिना जाता है, जिन्होंने विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष कर इतिहास में अपनी वीरता की अमिट छाप छोड़ी।






