ईरान पर अमेरिका का दबाव: परमाणु हथियार न रखने की गारंटी मांगी, शांति का दिया प्रस्ताव
Donald Trump ने Iran के साथ बढ़ते तनाव के बीच स्पष्ट किया है कि यदि ईरान को शांति चाहिए, तो उसे यह गारंटी देनी होगी कि वह कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर चुका है और अगर अभी पीछे हटता है, तो ईरान को दोबारा खड़ा होने में वर्षों लग सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि युद्ध में अमेरिका पहले ही बढ़त बना चुका है, लेकिन अभी और “बड़ी जीत” हासिल करनी बाकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Donald Trump ने कहा कि बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है और हालात को लेकर केवल चुनिंदा लोग ही पूरी जानकारी रखते हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण चाहता है।
इस बीच, Strait of Hormuz को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। ईरान ने इसे बंद करने की धमकी भी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा कि ईरान की मुद्रा अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, जो उसकी आर्थिक स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
हाल ही में Iran ने अमेरिका के सामने एक सशर्त प्रस्ताव रखा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु वार्ता को फिलहाल टालने की बात कही गई है। हालांकि, Donald Trump ने इस प्रस्ताव पर संदेह जताते हुए परमाणु संवर्धन के मुद्दे को नजरअंदाज किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है।
क्षेत्रीय स्तर पर यह तनाव Israel और United States की सैन्य गतिविधियों के कारण और बढ़ गया है। वहीं Vladimir Putin इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
अमेरिका के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर Donald Trump और उनके कुछ सहयोगी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में हैं, वहीं उपराष्ट्रपति JD Vance और कई डेमोक्रेट नेता इसके संभावित परिणामों को लेकर चिंतित हैं।
बताया जा रहा है कि इस संघर्ष में अब तक अमेरिका करीब 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है, जबकि ईरान भी अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर रहा है। हाल ही में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अपने उन्नत ड्रोन सिस्टम का प्रदर्शन किया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है।
