अमेरिका में सरकारी शटडाउन टला, ट्रंप और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच समझौता

अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन फिलहाल टल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच गुरुवार को एक अहम द्विदलीय समझौता हो गया, जिससे सरकार के अधिकांश विभागों को सितंबर तक फंडिंग मिल सकेगी। इस समझौते की पुष्टि राष्ट्रपति कार्यालय और सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चक शूमर के कार्यालय ने की है।
समझौते के तहत गृह सुरक्षा विभाग (Homeland Security Department) को छोड़कर बाकी सभी संघीय विभागों को सितंबर तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, गृह सुरक्षा विभाग के लिए दो सप्ताह का स्टॉपगैप बिल लाया जाएगा, ताकि डेमोक्रेट्स की मांगों पर आगे बातचीत के लिए समय मिल सके। यह मांग हाल ही में मिनियापोलिस में दो अमेरिकी नागरिकों की हत्या के बाद उठे जनाक्रोश के संदर्भ में सामने आई है।
NBC News की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फंडिंग समझौते पर सीनेट में वोटिंग गुरुवार रात को ही हो सकती है। यदि यह समझौता नहीं होता, तो शनिवार आधी रात के बाद कई संघीय एजेंसियों की फंडिंग अस्थायी रूप से बंद हो जाती। हालांकि, यदि दोनों सदनों से मंजूरी मिल जाती है, तो इसका तात्कालिक असर सीमित रहने की उम्मीद है, क्योंकि अधिकांश संघीय कर्मचारी सप्ताहांत में काम नहीं करते।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों दलों के सांसदों से इस समझौते के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने Truth Social पर लिखा,
“हमारे देश को धीमा करने वाली सबसे बड़ी चीज एक और लंबा और नुकसानदायक सरकारी शटडाउन होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ने मिलकर सरकार के अधिकांश विभागों को सितंबर तक फंडिंग देने और गृह सुरक्षा विभाग के लिए भी अस्थायी विस्तार सुनिश्चित करने का रास्ता निकाला है।
यह समझौता सीनेट द्वारा 1.2 ट्रिलियन डॉलर के बड़े फंडिंग पैकेज को खारिज किए जाने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया। इससे पहले चक शूमर ने कहा था कि मिनियापोलिस में हुई घटनाएं “एक नैतिक बुराई” हैं और कांग्रेस को इस पर कार्रवाई करने का अधिकार है।
वहीं, माइक जॉनसन ने बताया कि इस समझौते से पहले बुधवार को लंबी बातचीत चली। उन्होंने कहा,
“मैं लगभग तीन घंटे ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति के साथ था। चक शूमर, लीडर थून और टॉम होमन से फोन पर लगातार चर्चा हो रही थी।”
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता न केवल अमेरिकी प्रशासनिक स्थिरता के लिए अहम है, बल्कि इससे वैश्विक बाजारों को भी यह संकेत मिला है कि फिलहाल अमेरिका में वित्तीय और राजनीतिक अनिश्चितता टल गई है।






