अमेरिका में भारतीय युवक फ्लाइट में यौन उत्पीड़न का दोषी करार, 7 मई को सजा पर फैसला

अमेरिका में एक फेडरल जूरी ने फ्लाइट के दौरान महिला यात्री के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में एक भारतीय युवक को दोषी ठहराया है। दोषी पाए गए युवक की पहचान 38 वर्षीय वरुण अरोड़ा के रूप में हुई है। अदालत अब 7 मई 2026 को सजा पर अपना फैसला सुनाएगी। अमेरिकी कानून के तहत उसे अधिकतम दो साल तक की जेल हो सकती है।
यूएस अटॉर्नी ऑफिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह फैसला वर्जीनिया के एलेक्जेंड्रिया स्थित फेडरल कोर्ट में 29 जनवरी को सुनाया गया। जूरी के सामने पेश किए गए सबूतों और कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक यह घटना 29 अगस्त 2024 की है, जब रोड आइलैंड के टीएफ ग्रीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट जा रही फ्लाइट में यह वारदात हुई।
लैंडिंग के समय एक महिला यात्री की नींद खुली, तब उसने पाया कि वरुण अरोड़ा उसे अनुचित तरीके से छू रहा था। आरोप है कि अरोड़ा ने स्लीप मास्क पहन रखा था और सोने का नाटक कर रहा था। महिला द्वारा बार-बार उसका हाथ हटाने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
अदालती दस्तावेजों में यह भी सामने आया है कि वरुण अरोड़ा अमेरिका में बिना वैध नागरिकता (कानूनी स्टेटस) के रह रहा था। सजा सुनाते समय फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज अमेरिकी कानून, अपराध की गंभीरता और अन्य कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सजा की अवधि तय करेंगे।
इस पूरे मामले की जांच संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के वाशिंगटन फील्ड ऑफिस ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से स्पेशल असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी मैडिसन मुम्मा और असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी रसेल एल. कार्लबर्ग ने अदालत में पैरवी की।
गौरतलब है कि अमेरिका की संघीय अदालतों में फेडरल जूरी आम नागरिकों का एक समूह होता है, जो साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक मामलों में दोष या निर्दोष का फैसला करता है। इस मामले में जूरी ने सर्वसम्मति से आरोपी को दोषी करार दिया।






