उज्जैन भस्म आरती में शामिल हुए कुमार विश्वास: महाकाल के दर्शन कर मांगी देश की खुशहाली; बोले- श्रावण में आना सौभाग्य की बात

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्रातःकालीन भस्म आरती में प्रसिद्ध कवि और वक्ता कुमार विश्वास शामिल हुए। उज्जैन पहुंचकर उन्होंने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और आरती में श्रद्धाभाव से सहभागिता की। इस दौरान कुमार विश्वास भगवा वेशभूषा में नजर आए। महाकाल की भक्ति में लीन उनका यह आध्यात्मिक दर्शन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मंदिर समिति के उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास का स्वागत किया। भस्म आरती में शामिल होने के बाद कुमार विश्वास ने कहा कि यह केवल संयोग नहीं, बल्कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद है कि हर श्रावण में किसी न किसी माध्यम से उनके चरणों में उपस्थित होने का अवसर मिल जाता है।
महाकाल के दर्शन करना सौभाग्य की बात
उन्होंने बताया कि श्रावण हिंदू परंपरा के सबसे पवित्र महीनों में से एक है और ऐसे समय में बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने भगवान महाकाल को धन्यवाद और प्रार्थना अर्पित की। विश्वास ने कहा कि दर्शन के बाद उन्हें मन में शांति का अनुभव हुआ।
सावन में दर्शन का विशेष महत्व
प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने कहा कि भारत आज अपनी आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश कर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ प्राचीन गौरव की ओर अग्रसर है। उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में देश की उन्नति और समृद्धि के लिए कामना की। कुमार विश्वास ने कहा कि उज्जैन की महाकाल नगरी उन्हें हमेशा आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। उनके अनुसार, श्रावण मास में महाकाल के दर्शन मिलना पूर्व जन्मों के पुण्य का फल है।
भारत विश्व का सबसे युवा देश
युवाओं के विषय में बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उनके अनुसार आज का युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति पहले से अधिक जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नजर आ रहा है।