TMC के दोनों गुटों को मिले नए नाम और चुनाव चिन्ह: ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’, बागी गुट को ‘लिफाफा’ मिला; 6 अक्टूबर को उपचुनाव

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में TMC के दोनों गुट अब अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ उपचुनाव लड़ेंगे। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिन्ह दिया है। वहीं, दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ का चिन्ह मिला है।
TMC के दोनों गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर आमने-सामने हैं। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके ‘फूल-घास’ वाले मूल चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है। मूल नाम और चिन्ह पर अंतिम फैसला बाद में होगा।
6 अक्टूबर को उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे। दोनों गुट इन चुनावों में अपने नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरेंगे। बागी गुट की ओर से नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
दोनों गुटों की अलग पहचान
अब उपचुनाव में मतदाताओं को दोनों गुट अलग नाम और चिन्ह के साथ दिखाई देंगे।
- ममता बनर्जी गुट: ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस — फुटबॉल खिलाड़ी
- दूसरा गुट: डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस — लिफाफा
दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद का अंतिम फैसला अभी बाकी है।

TMC के नाम और चिन्ह पर विवाद कैसे शुरू हुआ?
TMC में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद है। दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हैं। विवाद के बीच चुनाव आयोग ने फिलहाल पार्टी का मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फूल-घास’ वाला चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया है। आयोग ने दोनों गुटों को अंतरिम तौर पर अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए हैं। यह व्यवस्था फिलहाल लागू रहेगी। पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतिम फैसला दोनों गुटों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद होगा।

ममता के पास अब सिर्फ 22 विधायक और 19 सांसद
टीएमसी के पास पहले 28 लोकसभा सांसद थे। इनमें से 20 सांसद अलग हो चुके हैं। अब लोकसभा में ममता बनर्जी के गुट के पास 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद थे। इनमें से 2 इस्तीफा दे चुके हैं। अब राज्यसभा में 11 सांसद बचे हैं।विधानसभा में टीएमसी ने इस बार 80 सीटें जीती थीं। इनमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। अब ममता बनर्जी के गुट के पास 22 विधायक बचे हैं।
