तेहरान में धमाके, इराक के कुर्द इलाके में ईरान समर्थित मिलिशिया का अमेरिकी हितों पर हमला

तेहरान में आज सुबह कई जोरदार धमाके हुए, जिनकी पुष्टि फार्स न्यूज एजेंसी ने की। शुरुआती रिपोर्ट्स में धमाकों के निशाने की पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच, इराक के कुर्द इलाके में ईरान समर्थित हथियारबंद समूह सराया औलिया अल-दाम ने अमेरिकी हितों पर हमला किया। इस समूह ने पिछले 24 घंटों में कम से कम छह स्थानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिनमें कोया जिले के विस्थापित कैंप और हरीर में अमेरिकी सैन्य बेस शामिल हैं। एरबिल स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला करने की कोशिश को अमेरिकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने विफल कर दिया।
सराया औलिया अल-दाम मुख्य रूप से उत्तरी इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट हमलों के लिए जिम्मेदार है। यह समूह अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बदले में ईरानी सैन्य कार्रवाइयों में सक्रिय है और इसे असाइब अहल अल-हक से जुड़ा फ्रंट ग्रुप माना जाता है।
इस घटनाक्रम के साथ ही अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध क्षेत्र और जमीनी तौर पर सक्रिय हो गया है। हाल ही में ईरान ने बहरीन के एल्युमिनियम बहरीन (अल्बा) प्लांट और एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस हमले में ALBA प्लांट के दो कर्मचारी घायल हुए।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और कहा कि यह अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर पिछले हमलों के जवाब में किया गया।
इसके अलावा ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजराइली विश्वविद्यालयों पर हमले की धमकी दी है, और यमन में हूती विद्रोहियों ने भी इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
प्रेस टीवी के अनुसार, शनिवार को इजराइल में रडार सेंटर और एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। IRGC और ईरानी सेना ने संयुक्त रूप से यह हमला किया। इसमें एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने और F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाने का दावा किया गया।
हाइफा में स्थित सैन्य एयरोस्पेस कॉम्प्लेक्स और डेविड बेन गुरियन एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण केंद्र को भी निशाना बनाया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये घटनाक्रम पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रहे हैं और क्षेत्रीय संघर्ष को वैश्विक स्तर पर भी प्रभावित कर सकते हैं।






