टाटा-एयरबस ने तैयार किया भारत का पहला स्वदेशी असेंबल्ड C-295 एयरक्राफ्ट, वडोदरा में बनी नई उपलब्धि

भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को बड़ी मजबूती देते हुए Tata Advanced Systems Limited ने फ्रांसीसी कंपनी Airbus के सहयोग से गुजरात के वडोदरा स्थित फाइनल असेंबली लाइन में पहला C-295 सैन्य परिवहन विमान तैयार कर लिया है। यह भारतीय वायुसेना के लिए भारत में असेंबल किया गया पहला सैन्य परिवहन विमान है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह पहली बार है जब किसी भारतीय निजी कंपनी ने देश में मिलिट्री एयरक्राफ्ट की पूर्ण फाइनल असेंबली लाइन स्थापित कर उसका संचालन शुरू किया है। यह परियोजना 2021 में हुए 21,935 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे के तहत संचालित की जा रही है।
Airbus और भारतीय वायुसेना के बीच 24 सितंबर 2021 को 56 C-295 सैन्य परिवहन विमानों की डील हुई थी। समझौते के तहत 16 विमान स्पेन में तैयार कर फ्लाइंग मोड में भारत को सौंपे जाएंगे, जबकि अन्य 40 विमानों का निर्माण भारत में टाटा कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा। इन सभी विमानों की आपूर्ति अगस्त 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है।
पहला C-295 विमान 20 सितंबर 2023 को भारत पहुंचा था और इसे औपचारिक रूप से Indian Air Force के परिवहन बेड़े में शामिल किया गया था। उस समय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने हिंडन एयरबेस पर इसका औपचारिक स्वागत किया था।
C-295 विमान की प्रमुख खूबियां
Airbus C295 एक मध्यम क्षमता वाला सैन्य परिवहन विमान है, जिसे दो पायलट संचालित करते हैं। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- 73 सैनिक या 48 पैराट्रूपर्स को ले जाने की क्षमता
- 12 स्ट्रेचर ICU मेडवैक या 27 स्ट्रेचर मेडवैक कॉन्फिगरेशन
- अधिकतम 9,250 किलोग्राम भार वहन क्षमता
- अधिकतम गति 482 किमी प्रति घंटा
- छोटी रनवे क्षमता — टेकऑफ के लिए 844–934 मीटर, लैंडिंग के लिए सिर्फ 420 मीटर रनवे पर्याप्त
- विंग्स के नीचे 6 हार्ड पॉइंट्स, जिन पर हथियार या सुरक्षा प्रणाली लगाई जा सकती है
इस परियोजना के तहत हैदराबाद में विमान के उपकरण तैयार किए जाते हैं, जिन्हें बाद में वडोदरा प्लांट में अंतिम रूप से असेंबल किया जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना भारत को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में अहम कदम है।





