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तमिलनाडु विधानसभा सत्र कल से शुरू, राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्तापक्ष-विपक्ष की रहेगी कड़ी नजर

मिलनाडु विधानसभा का सत्र मंगलवार सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा। यह बजट सत्र का पहला चरण होगा, जिसकी शुरुआत पारंपरिक रूप से राज्यपाल आर.एन. रवि के अभिभाषण से की जाएगी।
पिछले वर्षों में राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर हुए विवादों के चलते इस बार भी सत्तारूढ़ दल और विपक्ष, दोनों की कड़ी नजर इस सत्र पर टिकी हुई है।

🏛️ अभिभाषण से पहले का पूरा कार्यक्रम

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल आर.एन. रवि सुबह 9.25 बजे राजभवन सचिवालय पहुंचेंगे, जहां उन्हें बैंड वाद्ययंत्रों और पुलिस परेड के साथ सलामी दी जाएगी। इसके बाद वे विधानसभा भवन पहुंचेंगे, जहां उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष अप्पावु और विधानसभा सचिव राज्यपाल को सदन के भीतर लेकर आएंगे।
राज्यपाल अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठेंगे, जबकि पास की कुर्सी पर विधानसभा अध्यक्ष विराजमान रहेंगे।

🎶 तमिल ताई वाज़्थु से शुरुआत

सदन की कार्यवाही की शुरुआत ‘तमिल ताई वाज़्थु’ (तमिल माता की वंदना) से होगी। इसके बाद राज्यपाल अंग्रेज़ी में अभिभाषण देंगे, जिसका तमिल अनुवाद विधानसभा अध्यक्ष पढ़ेंगे।
अंत में राष्ट्रगान का वादन होगा और इसके साथ ही पहले दिन की कार्यवाही समाप्त हो जाएगी।

📋 कार्य सलाहकार समिति की बैठक

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में कार्य सलाहकार समिति की बैठक होगी, जिसमें

  • सत्र की अवधि

  • चर्चा के प्रमुख विषय

  • विधायी कार्यक्रम

पर निर्णय लिया जाएगा। इसकी आधिकारिक जानकारी विधानसभा अध्यक्ष अप्पावु द्वारा दी जाएगी।

⚠️ राज्यपाल-सरकार विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सरकार द्वारा तैयार अभिभाषण में संशोधन कर पढ़ा था, जिसके चलते विधानसभा नियमों के तहत उस अभिभाषण को रद्द कर दिया गया था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार का मूल अभिभाषण तमिल में पढ़ा था।

इसके बाद 2024 और 2025 में राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ने से इनकार कर दिया था। उन्होंने इसका कारण बताया कि राष्ट्रगान को सदन की शुरुआत में शामिल नहीं किया गया

🔥 चुनावी माहौल में सियासी गर्मी तय

विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार एआईएडीएमके और भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रही हैं, जबकि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी सरकार भी हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विधानसभा सत्र सियासी टकराव और तीखी बहसों से भरा रह सकता है।

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