सीधी में 5 साल से एग्जाम सेंटर बंद: परीक्षा देने रात 3 बजे घर से निकलते हैं स्टूडेंट; नकल प्रकरण के कारण मामला कोर्ट में

सीधी। सीधी में स्टूडेंट्स को परीक्षा देने रात 3 बजे घर से निकलना पड़ता है। 3 घंटे की परीक्षा के लिए लगभग 10 घंटे गाड़ी में ही बीत जाते हैं। वजह सिर्फ इतनी है कि पांच साल पहले मझौली के शासकीय महाविद्यालय में नकल प्रकरण सामने आया था। तब से सेंटर बंद कर दिया गया।
मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए परीक्षा केंद्र बहाल नहीं हो सका। इसलिए इसका खामियाजा स्टूडेंट को भुगतना पड़ रहा। दरअसल,मझौली के शासकीय महाविद्यालय में 1100 स्टूडेंट BA B.com BSC की पढ़ाई कर रहे हैं।
समय और पैसा की बर्बादी
स्टूडेंट का कहना है- परीक्षा केंद्र दूर होने से समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। सुबह जल्दी निकलने के बाद भी कई बार समय से नहीं पहुंच पाते हैं। जब घर लौटकर आते हैं तब हाथ पैर या फिर कहें तो पूरे शरीर में दर्द रहता है। जिसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है।

जनहित याचिका दायर
स्टूडेंट की परेशानी को देखते हुए परीक्षा केंद्र को बहाल करने की मांग की जा रही है। जनभागीदारी अध्यक्ष पवन मिश्रा ने एक जनहित याचिका भी दायर की है। उनका कहना है कि छात्रों की सुविधा और भविष्य को देखते हुए जल्द फैसला सुनाया जाना उचित होगा।
निराकरण की उम्मीद में प्राचार्य
इधर प्राचार्य प्रभाकर सिंह का कहना है कि मामला हाई कोर्ट में है। अभी कॉलेज और विश्वविद्यालय इस मामले में कोई निर्णय नहीं ले सकता। जल्द निराकरण की उम्मीद है।