ब्रुसेल्स में विदेश मंत्री एस जयशंकर की यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से मुलाकात, ईरान-यूक्रेन संकट पर चर्चा

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने Brussels में European Union के विदेश मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने ईरान और यूक्रेन के संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
डॉ. जयशंकर ने इस दौरे के दौरान Ursula von der Leyen सहित कई यूरोपीय नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने जर्मनी, ग्रीस और बेल्जियम के विदेश मंत्रियों के साथ भी बातचीत की।
उर्सुला फॉन डेर लॉयन से विशेष मुलाकात
European Commission की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लॉयन के साथ बैठक के बाद डॉ. जयशंकर ने कहा कि जनवरी में उनकी भारत यात्रा बेहद सफल रही और इससे भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक नया मोड़ आया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा
बैठक के दौरान Kaja Kallas ने बताया कि यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद में Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
हाल के घटनाक्रमों में ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बाधित करने के कारण वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है।
जर्मनी के विदेश मंत्री से भी बातचीत
डॉ. जयशंकर ने Johann Wadephul के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रुसेल्स में हुई ये बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब पश्चिम एशिया और यूरोप में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और यूरोपीय संघ के बीच कूटनीतिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






